संस्‍कृत टिप्‍पणम्


।। हिन्‍दी भाषायां पठि‍तुम् अत्र बलाघात: करणीय: ।। 

अत्र केचन् सामान्‍यशब्‍दानां संस्‍कृतानुवाद: ददामि । अधिकतरं वयं टिप्‍पणय: एवम् एव लिखाम: ।
 

उत्‍तम: लेख: - उत्‍तम लेख
शोभनम्/ समीचीनम्/ सुन्‍दरम्/ उत्‍तमम् - बहुत सुन्‍दर, उत्‍तम ।
उत्‍तम: प्रयास: - सुन्‍दर प्रयास
शोभनं काव्‍यम्
- उत्‍तम कविता
शोभना गज्‍जलिका - सुन्‍दर गजल
सुन्‍दरी अभिव्‍यक्ति: - सुन्‍दर भावों की अभिव्‍यक्ति ।
धन्‍यवाद: - धन्‍यवाद
प्रसंशनीय:/ साधुवादार्ह: - प्रसंशा के योग्‍य
उत्‍तमा सूचना - उत्‍तम सूचना
उपयोगी तथ्‍यानि
- उपयोगी सूचना
अवर्णनीयम् - लाजबाब

संस्कृते लेखनं प्रारम्‍भं कृत्‍वा भारतीय संस्‍कृते: रक्षणाय स्‍व सहयोगं ददतु ।
 

भवदीय: - आनन्‍द:

टिप्पणियाँ

  1. यदि आप संस्कृत सिखाना प्रारम्भ कर दें तो बहुत पुण्य और उपकार का कार्य करेंगे..

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  2. आपने लिखा है तो ठीक ही लिखा होगा...

    अगर आप भावार्थ हिंदी में भी लिख दे तो शायद हमें समझने मे आसानी हो...

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपका ब्लॉग जगत में संस्कृत की सेवा का यह प्रयाश स्वर्ण- लेखनी से लिखा जायेगा आपका बहुत आभार भारती की इस सेवा के लिए

    उत्तर देंहटाएं
  4. उत्‍तम: प्रयास:साधुवादार्ह: एवम् उपयोगी तथ्‍यानि

    उत्तर देंहटाएं
  5. महोदय!
    अतीव सुन्दर-प्रयासः भवता कृतः| एष मम प्रथम-अवसरः | मम हार्दिकी शुभकामना

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  6. महोदय!'
    अहम नमामि,

    तव इदं प्रयासं अति उपयोगी, ज्ञानवर्धकं प्रशानीयं च अस्ति.
    धन्यवाद:

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