गुण सन्धिः ।।

अदेड्。गुणः
आद् गुणः ।६।१।८७।

यदि ‘अ‘‚ अथवा ‘आ‘ वर्णस्य अनन्तरम् इ ⁄ ई‚ उ ⁄ उ‚ ऋ‚ लृ वा आगच्छेत् तर्हि उभयोः स्थाने क्रमशः ऐ‚ ओ‚ अर्‚ अल् च भवतु ।

अवधेयम् – 

अ + इ = ए
अ + ई = ए
आ + इ = ए
आ + ई = ए 

अ + उ = ओ
अ + ऊ  = ओ
आ + उ = ओ
आ + ऊ  = ओ

अ + ऋ = अर्
आ + ऋ = अर्

अ + लृ = अल्
आ + लृ = अल्

इति

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