अयादि सन्धि: ।।

एचोSयवायाव: ।६।२।७८।

ए, ओ, ऐ, औ वर्णानाम् अनन्‍तरं यदि कस्चिदपि स्‍वर: आगच्‍छेत् चेत् द्वयो: स्‍थाने क्रमश: अय्, अव्, आय्, आव्, इति भवति ।

अवधेयम् -


ए + अ = अय् ऐ + अ = अाय् ओ + अ = अव् औ + अ = अाव्
ए + आ = अया ऐ + आ = आया ओ + आ = अवा औ + आ = अावा
ए + इ = अयिऐ + इ = आयि ओ + इ = अवि औ + इ = अावि
ए + ई = अयी ऐ + ई = आयी ओ + ई = अवी औ + ई = अावी
ए + उ = अयु ऐ + उ = आयु ओ + उ = अवु औ + उ = अावु
ए + ऊ = अयू ऐ + ऊ = आयू ओ + ऊ = अवू औ + ऊ = अावू
ए + ए = अये ऐ + ए = आये ओ + ए = अवे औ + ए = अावे
ए + ऐ = अयै ऐ + एे = आयै ओ + एे = अवै औ + ऐ = अावै
ए + ओ = अयो ऐ + ओ = आयोओ + ओ = अवो औ + ओ = अावो
ए + औ = अयौ ऐ + औ = आयौ ओ + औ = अवौ औ + औ = अावौ

इति

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