प्रत्‍याहारनिर्माणप्रक्रिया | (प्रत्‍याहार कैसे बनाएँ ?)


प्रत्‍याहारनिर्माणाय नियमा: अत्र दीयन्‍ते येन सरलतया प्रत्‍याहारस्‍य निर्माणं कर्तुं सामान्‍यजन: अप‍ि योग्‍य: भवतु ।
जनानां सौकर्याय एते नियमा: हिन्‍दीभाषायां दीयन्‍ते न तु संस्‍कृतभाषायाम् ।

प्रत्‍याहार निर्माण के लिये यहाँ नियम दिये जा रहे हैं जिससे कि सामान्‍य जन भी प्रत्‍याहार बना सकने में समर्थ हों । लोगों की सुविधा के लिये ये नियम हिन्‍दीभाषा में ही दिये जा रहे हैं न कि संस्‍कृतभाषा में ।

नियमा: -


1- प्रत्‍याहार में केवल दो वर्ण होते हैं । इन दोनों में से पहला वर्ण पूर्ण तथा दूसरा वर्ण अर्ध होता है ।
उदाहरण - अक्, अच्, खर्, झल्, हल् आदि

2- अर्ध वर्ण (व्‍यंजन) चौदह माहेश्‍वर सूत्रों में से किसी भी सूत्र का अंतिम वर्ण होना चाहिये ।
उदाहरण के लिये अक् प्रत्‍याहार में क् वर्ण द्वितीय सूत्र का अन्तिम वर्ण है । (1- अइउण् 2- ऋलृक्)

3- जिस सूत्र का अंतिम वर्ण प्रत्‍याहार के अंतिम वर्ण के रूप में ग्रहण होता है, प्रत्‍याहार का पूर्व वर्ण उसके पहले के ही सूत्रों में से होना चाहिये, बाद वाले सूत्रों से नहीं ।
उदाहरण के लिये अक् प्रत्‍याहार में क् वर्ण द्वितीय सूत्र का अन्तिम वर्ण है, अत: अ वर्ण उसके पहले के सूत्रों से लिया गया है, बाद के सूत्रों से नहीं । (1- इउण् 2- ऋलृक् 3- एओड्. 4- ऐऔच्)

4- प्रत्‍याहार का प्रथम वर्ण माहेश्‍वर सूत्रों में जहाँ प्राप्‍त हो रहा हो वहाँ से अन्तिम वर्ण पर्यन्‍त सभी वर्णों की गणना प्रत्‍याहार के अन्‍तर्गत की जाती है किन्‍तु सभी सूत्रों के अन्तिम वर्ण नहीं गिने जाते हैं ।
उदाहरण के लिये अक् प्रत्‍याहार में अ वर्ण प्रथम सूत्र का प्रथम वर्ण तथा क् वर्ण द्वितीय सूत्र का अन्तिम वर्ण है, अत: अ से लेकर क् पर्यन्‍त सभी वर्णों का ग्रहण किया जाएगा, किन्‍तु सूत्रों के अन्तिम वर्ण नहीं गिने जाएँगे । इस तरह अक् प्रत्‍याहार के अन्‍तर्गत (अ इ उ ऋ लृ) वर्णों का ग्रहण किया जाएगा ।

इसी तरह अन्‍य प्रत्‍याहार भी बनाए जाते हैं । यहाँ पर नीचे माहेश्‍वर सूत्रों में से कुछ प्रत्‍याहार व उनसे सम्‍बन्धि वर्ण बनाकर दिखाए जा रहे हैं ।

अच् प्रत्‍याहार - 
अ इ उ ऋ लृ ऐ ओ ऐ औ

1- इउण् 2- ऋलृक् 3- एओड्. 4- ऐऔच्

हल् प्रत्‍याहार - 

 ह य व र ल म ड. ण न झ भ घ ढ ध ज ब ग ड द ख फ छ ठ थ च ट त क प श ष स
(ह दो बार आने पर भी एक ही बार गिना जाएगा ।)

5- यवरट् 6- लण् 7- ञमड.णनम् 8- झभञ् 
9- घढधष् 10- जबगडदश् 11- खफछठथचटतव् 
12- कपय् 13- शषसर् 14- हल्

खर् प्रत्‍याहार - 
ख फ छ ठ थ च ट त क प श ष स
11- फछठथचटतव् 12- कपय् 13- शषसर्

इसी तरह अन्‍य प्रत्‍याहार भी बनाएँ ।

गृहकार्यम् -
अट्, हश्, जश्, झल्, झश्

उक्‍त प्रत्‍याहारों के वर्णों को पहचान कर टिप्‍पणीमंजूषा में लिखें ।

इति

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गम् (जाना) धातु: - परस्‍मैपदी

शरीरस्‍य अंगानि

अव्यय पदानि ।।