एतानि चित्राणि केनचित् हिन्‍दुस्‍तानकीआवाज इति समूहस्‍योपरि संदेशरूपेण प्रेषितानि आसन् ।  मह्यम सम्‍यक रोचन्‍ते एतानि चित्राणि अत: सर्वेषां जनानां कृते प्रकाशयामि ।  धन्‍यवादा:

       

       

       

       

संस्‍कृतजगत् 

2 टिप्पणियाँ

  1. धन्‍यवाद नवीन जी
    इन चित्रों के लिये श्रेय किसी अन्‍य को है ।
    इनको मैने अपने पास आए हुए ईपत्र से प्रकाशित किया है ।

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